हमारी कहानी
मैं और मेरी पत्नी जानते हैं कि लंदन आकर सब कुछ ख़ुद समझना कैसा होता है।
जैसे-जैसे इस शहर से हमारा लगाव बढ़ा, यह यक़ीन भी बढ़ा कि और लोगों को लंदन ठीक से देखने का मौक़ा मिलना चाहिए। सिर्फ़ मशहूर जगहों पर निशान लगाना नहीं, बल्कि समझना कि शहर आपस में कैसे जुड़ता है, वे जगहें ढूँढना जो सच में देखने लायक़ हैं, जानना कि किससे बचना है, और कार्यक्रम की फ़िक्र में कम और शहर का आनंद लेने में ज़्यादा समय बिताना।
इसलिए हमने actually london शुरू किया।
